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 मटर की खेती करके यह किसान छाप रहा जी भरके नोट! आप भी करें इस विधि से खेती, जानें 

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान अपनी आय को दोगुना करने के लिए सर्दियों के मौसम में मटर की खेती कर रहे हैं। यह खेती न केवल किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बन गई है, बल्कि सर्दियों के दौरान बाजार में मटर की बढ़ती मांग के कारण उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो रही है। मटर एक प्रमुख दलहनी फसल मानी जाती है, जो सर्दियों के मौसम में उगाई जाती है और इसका उत्पादन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
 
Pea Cultivation

Pea Cultivation: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान अपनी आय को दोगुना करने के लिए सर्दियों के मौसम में मटर की खेती कर रहे हैं। यह खेती न केवल किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बन गई है, बल्कि सर्दियों के दौरान बाजार में मटर की बढ़ती मांग के कारण उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो रही है। मटर एक प्रमुख दलहनी फसल मानी जाती है, जो सर्दियों के मौसम में उगाई जाती है और इसका उत्पादन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।

मटर की खेती के लाभ

मटर की खेती कई कारणों से किसानों के लिए फायदेमंद है। यह एक कम देखभाल वाली फसल है, जिसे कम लागत में उगाया जा सकता है और इसके लिए ज्यादा पूंजी की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा, बाजार में मटर की डिमांड सर्दियों के मौसम में अधिक होती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है।

मटर की खेती की प्रक्रिया

मटर की खेती के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज का चयन जरूरी है। खेत की उचित जुताई और क्यारियां बनाना मटर की अच्छी पैदावार के लिए आवश्यक है। मटर की बुवाई सामान्यत: अक्टूबर-नवंबर के बीच की जाती है। मटर की फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है, लेकिन इसकी देखभाल अधिक कठिन नहीं है। मटर की फसल 80 से 85 दिनों में तैयार हो जाती है।

मटर की खेती से होने वाली आय

लखीमपुर खीरी के किसान गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वे 1 हेक्टेयर भूमि पर मटर की खेती कर रहे हैं। इस खेत में मटर उगाने की कुल लागत करीब 25,000 रुपये आती है। वहीं, फसल के पकने के बाद उन्हें 70,000 से 80,000 रुपये का मुनाफा होता है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

मटर की खेती को क्यों अपनाए

मटर की खेती में अपेक्षाकृत कम पूंजी लगती है, जो किसानों को कम खर्च में अधिक मुनाफा प्रदान करती है। सर्दियों में मटर की डिमांड बहुत अधिक होती है, जिससे किसानों को अच्छा बाजार मूल्य मिल पाता है।मटर की फसल कम देखभाल में अच्छी पैदावार देती है, जिससे किसानों को अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती। मटर की फसल सिर्फ 80-85 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसान जल्दी मुनाफा कमा सकते हैं।