{"vars":{"id": "106882:4612"}}

3 राज्यों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी! यह 719 KM लंबा एक्सप्रेस-वे बनेगा सुहावने रास्ते 

भारत में परिवहन और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे में लगातार सुधार हो रहा है और रक्सौल से हल्दिया तक ग्रीनफील्ड राजमार्ग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 719 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण से बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल के बीच यात्रा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे 60,000 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और 2028 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।
 

Greenfield Highway: भारत में परिवहन और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे में लगातार सुधार हो रहा है और रक्सौल से हल्दिया तक ग्रीनफील्ड राजमार्ग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 719 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण से बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल के बीच यात्रा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे 60,000 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और 2028 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।

इस राजमार्ग के निर्माण से भारत और नेपाल के विभिन्न राज्यों के बीच यात्रा और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे तथा आर्थिक विकास में तेजी आएगी। बिहार-झारखंड और बंगाल के बीच घटेगी दूरी, बनेगा 719 किलोमीटर लंबा हाईवे. कंचन सौरभ मिश्रा, देवघर। पश्चिम बंगाल, बिहार और नेपाल के बीच व्यापार को बढ़ावा देने और यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए, बिहार के रक्सौल से पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक एक ग्रीनफील्ड राजमार्ग का निर्माण करने का निर्णय लिया गया।

719 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले राजमार्ग का निर्माण 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसके 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसका निर्माण एनएचएआई द्वारा किया जाएगा। यह राजमार्ग झारखंड के देवघर, दुमका, जामताड़ा जिलों से होकर गुजरेगा। इस सड़क के निर्माण से देवघर और दुमका से नेपाल, कोलकाता, पटना और अन्य स्थानों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। इसकी वजह से पटना और कोलकाता जैसे बड़े शहरों की यात्रा सरल और आरामदायक हो गयी है।

इससे व्यापार और पर्यटन को भी लाभ होगा। आईडीपीआर तैयार है। एनएचएआई ने इस सड़क की मंजूरी के लिए मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो जाएगा। जमीन खरीदते ही सड़क निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस राजमार्ग के निर्माण से नेपाल और भारत के बीच परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इस सड़क के संरेखण में कुछ परिवर्तन किए गए हैं। पहले यह बांका, जमुई होकर जाती थी। देवघर के अलावा यह राजमार्ग दुमका में सरैयाहाट, नोनीहाट और दुमका से होकर गुजरेगा। यह सड़क देवघर में 65 किलोमीटर और दुमका में 50 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

यह राजमार्ग बिहार के रक्सौल से शुरू होगा। वहां से यह पूर्वी चंपारण, शिवहर, समस्तीपुर, बेगूसराय, सुयगढ़ा, जमुई, मल्लेपुर, बांका, कटोरिया से होकर गुजरेगी। दुमका जिले से गुजरते हुए यह ट्रेन मोहनपुर, घोरामारा, सोनारायठाढ़ी, देवघर के पालोजोरी और जामताड़ा के कुंडहित होते हुए बंगाल पहुंचेगी। बंगाल में यह सड़क बोलपुर, आरामबाग, राजहट्टी, मेदिनीपुर पूर्व होते हुए हल्दिया बंदरगाह तक जाएगी।

इस राजमार्ग पर कई बड़े पुल भी बनाए जाएंगे। इसके तहत गंगा नदी पर बेगूसराय और सूर्यगढ़ा को जोड़ने के लिए एक पुल का निर्माण करने का भी प्रस्ताव है। इसके बन जाने से लोग देवघर से पटना और कोलकाता तक अपनी यात्रा मात्र तीन घंटे में पूरी कर सकेंगे। इसके निर्माण से तीन राज्यों में उद्योग और कारखानों की स्थापना में सुविधा होगी। युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही, भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक हल हो गई है।