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आरक्षण को लेकर नायब सैनी का फैसले से नाराज हुईं मायावती, बोली 

हरियाणा में मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को भी “आज ही” लागू कर देगा, जिसमें आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने का राज्यों को अधिकार दिया गया है नायब सैनी सरकार का यह फैसला यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी चीफ मायावती को रास नहीं आया। 
 

Haryana News : हरियाणा में मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को भी “आज ही” लागू कर देगा, जिसमें आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने का राज्यों को अधिकार दिया गया है नायब सैनी सरकार का यह फैसला यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी चीफ मायावती को रास नहीं आया। 

उन्होंने हरियाणा सरकार के इस फैसले पर कहा कि अनुसूचित जाति (एससी) के आरक्षण में वर्गीकरण लागू करने का हरियाणा सरकार का फैसला दलितों को फिर से बांटने और आपस में ही लड़ाते रहने का षड़यंत्र है। मायावती ने X पर लिखा कि हरियाणा की नई BJP सरकार द्वारा SC समाज के आरक्षण में वर्गीकरण को लागू करने मतलब आरक्षण कोटे के अंदर कोटे की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला दलितों को फिर से बांटने व उन्हें आपस में ही लड़ाते रहने का षड़यंत्र है। 

उन्होंने का कि यह दलित विरोधी ही नहीं बल्कि घोर आरक्षण विरोधी निर्णय है। BSP चीफ ने आगे कहा कि हरियाणा सरकार को ऐसा करने से रोकने के लिए BJP के केंद्रीय नेतृत्व के आगे नहीं आने से भी यह साबित होता है कि कांग्रेस की तरह BJP भी आरक्षण को पहले निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाने और अंततः इसे समाप्त करने के षड्यंत्र में लगी है, जो घोर अनुचित है। उन्होंने कहा कि बसपा इसकी घोर विरोधी है।

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा, “वास्तव में जातिवादी पार्टियों द्वारा SC-ST व OBC समाज में ’फूट डालो-राज करो’ व इनके आरक्षण विरोधी षड़यंत्र आदि के विरुद्ध संघर्ष का ही नाम बसपा है। इन वर्गों को संगठित व एकजुट करके उन्हें शासक वर्ग बनाने का हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा।”हरियाणा CM पद संभालते ही नायब सैनी सरकार ने यह फैसला भी लिया मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के सभी सरकारी अस्पतालों में, गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को निशुल्क डायलिसिस की सुविधा मुहैया की जाएगी। 

उन्होंने कहा, “मैंने गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीजों से संबंधित निर्णय की फाइल पर सबसे पहले हस्ताक्षर किए। हमने चुनाव में भी यह वादा किया था। डायलिसिस पर प्रति माह 20,000 से 25,000 रुपये का खर्च आता है लेकिन अब हरियाणा सरकार इसे वहन करेगी