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12 गांवों के किसानों पर बरसेगी लक्ष्मी, यूपी के इन 2 जिलों को कनेक्ट करेगा नया 6 लेन एक्सप्रेसवे 

उत्तर प्रदेश के बरेली से मथुरा तक का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज़ होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्देशन में 228 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है, जो मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली को जोड़ेगा। यह प्रोजेक्ट चार चरणों में तैयार किया जा रहा है, जिसमें बरेली-बदायूं खंड सबसे अंतिम चरण का हिस्सा है।
 

New Expressway: उत्तर प्रदेश के बरेली से मथुरा तक का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज़ होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्देशन में 228 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है, जो मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली को जोड़ेगा। यह प्रोजेक्ट चार चरणों में तैयार किया जा रहा है, जिसमें बरेली-बदायूं खंड सबसे अंतिम चरण का हिस्सा है।

दोनों के बीच 228 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा। हाईवे चार चरणों में बनेगा। इसमें बदायूं भी शामिल है। यहां 12 गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। बदायूं से मथुरा होते हुए बरेली तक हाईवे का निर्माण हो रहा है। हाईवे 6 लेन का होगा। जिसकी कमान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के हाथ में है। हाईवे बनाने के लिए एनएचएआई और निर्माण कंपनी के बीच अनुबंध हुआ था।

बदायूं के 12 गांवों की किस्मत चमकेगी। इनमें चांदनगर, करतौली, कुतुबपुरथरा, वाकरपुर खंडार, रहमा, डुमैरा, उझैली, रसूलपुर, ढकिया, मलिकपुर, मलगांव, घटपुरी, बिनावर शामिल हैं। यहां 33,4310 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। जिसके लिए 60 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा वितरण का काम भी शुरू हो गया है।

हाईवे को चार हिस्सों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मथुरा से हाथरस, दूसरे चरण में हाथरस से कासगंज, तीसरे चरण में कासगंज से बदायूं और चौथे चरण में बदायूं से बरेली का निर्माण होगा। आपको बता दें कि इस हाईवे के पहले चरण में मथुरा से हाथरस तक का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। पहले चरण का काम पीएनसी इंफ्रा आदि कर रही है।

चौथे पैकेज में बदायूं से बरेली के बीच हाईवे बनाया जाना है। इसकी लंबाई करीब 37 किलोमीटर है। चौथे चरण के काम की जिम्मेदारी हरियाणा की धारीवाल कंस्ट्रक्शन को दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी को 5 महीने यानी अक्टूबर तक काम शुरू करना है। इसे बनाने में 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे।