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गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक का समय होगा आधा! जल्द बनकर तैयार होगा यह एक्सप्रेस वे, इन जिलों में सफर को मिलेगी तगड़ी रफ्तार, जानें 

उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला एक नया एक्सप्रेस वे जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। यह एक्सप्रेस वे गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच यात्रा को तेज और सुगम बनाएगा, जिससे यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा। वर्तमान में दोनों शहरों को जोड़ने के लिए कोई सीधी सड़क नहीं है, और यात्रा में लगभग 15 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से यह समय घटकर महज 9 घंटे रह जाएगा।
 

UP Expressway: उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला एक नया एक्सप्रेस वे जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। यह एक्सप्रेस वे गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच यात्रा को तेज और सुगम बनाएगा, जिससे यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा। वर्तमान में दोनों शहरों को जोड़ने के लिए कोई सीधी सड़क नहीं है, और यात्रा में लगभग 15 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से यह समय घटकर महज 9 घंटे रह जाएगा।

एक्सप्रेसवे का निर्माण गोरखपुर और सिलीगुड़ी के बीच किया जाएगा। इसकी शुरुआत गोरखपुर के जगदीशपुर से हो रही है। जो कुशीनगर होते हुए बिहार के गोपालगंज में प्रवेश करेगा। यह राजमार्ग बिहार के आठ जिलों से होकर गुजरेगा। यह पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मधुबनी, सीतामढ़ी, सौपाल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजरेगी।

राजमार्ग के निर्माण से क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। यदि हम इस क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की बात करें तो यहां लगभग कोई विकास नहीं हुआ है। ऐसे में यह हाईवे विकास की सौगात लेकर आया है। 32 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेसवे का निर्माण भारत माला परियोजना के तहत किया जा रहा है।

इस राजमार्ग के निर्माण के लिए बिहार के 100 से अधिक गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। यह राजमार्ग उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक गांवों से भी होकर गुजरेगा। इसके अलावा गंडक नदी पर दो बड़े पुल भी बनाये जायेंगे। इसका कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश में और कुछ हिस्सा बिहार में बनाया जाएगा।

इस राजमार्ग का अधिकांश भाग बिहार में बनाया जाएगा। 519 किलोमीटर लम्बे राजमार्ग में से 84.3 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में, 416.2 किलोमीटर बिहार में तथा 18.9 किलोमीटर पश्चिम बंगाल में निर्मित किये गये। यह परियोजना 2021 में ही प्रस्तावित है। हालाँकि, अब जब यह परियोजना पूरी हो गई है, तो इसका ध्यान असम की राजधानी गुवाहाटी पर केंद्रित होगा।

यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होने वाला है। परियोजना के पूरा होने के बाद, इस एक्सप्रेस वे को असम की राजधानी गुवाहाटी तक बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है, जिससे यह पूरे उत्तर-पूर्वी भारत को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण सड़क बन जाएगी।