कांग्रेस ने विधायक मनमोहन सिंह के लिए मांगी भारत रत्न, जानिए पूरी अपडेट यहां
Breakinng News : पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज यानी 24 फरवरी 2025 से शुरू हो गया है। इस सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से, कांग्रेस पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के लिए भारत रत्न देने की मांग उठाई है। पार्टी ने इस संदर्भ में पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव लाने की अपील की है, जो कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
इस सत्र में क्या-क्या हो सकता है?
1. ग्रेनेड हमले और सुरक्षा स्थिति
विपक्ष ने पुलिस थानों पर हुए ग्रेनेड हमलों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी की है। यह घटना राज्य में सुरक्षा की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाती है।
2. छोटे सत्र की आलोचना
विपक्षी दलों ने सरकार के छोटे सत्र बुलाने पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि यह जनता के मुद्दों को दरकिनार करने का तरीका है और इससे लोकतंत्र की सही प्रतिनिधित्व नहीं होता।
3. अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवाओं का पुनर्वास
विपक्ष ने अमेरिका से डिपोर्ट किए गए पंजाब के युवाओं के लिए पुनर्वास की योजना बनाने की मांग की है। ये युवा आर्थिक और सामाजिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं और उनकी मदद की आवश्यकता है।
4. कृषि और किसानों के मुद्दे
पंजाब के किसान संगठनों के समर्थन से कृषि मंडीकरण नीति पर भी चर्चा हो सकती है। सरकार को इस नीति के खिलाफ प्रस्ताव पेश करने का दबाव है, जो किसानों के हित में हो।
5. मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने की मांग
कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को मान्यता देने के लिए उन्हें भारत रत्न देने की मांग की है। उनका कहना है कि मनमोहन सिंह ने देश को कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार दिए हैं और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित किया जाना चाहिए।
विपक्षी दलों का सरकार पर दबाव
इस सत्र में विपक्ष ने कई मोर्चों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई है। उनकी रणनीति से यह स्पष्ट है कि विधानसभा का यह सत्र हंगामेदार रह सकता है। विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार ने कई मामलों में अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज किया है और इसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
सत्र की शुरुआत और राज्यपाल का अभिभाषण
इस विशेष सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से नहीं हुई, जो कि एक विवाद का कारण बन सकता है। आमतौर पर विधानसभा सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। विपक्ष इसे भी एक मुद्दा बना सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरम हो सकता है।