मुरादाबाद के दिवाकर ने अपनी ईरानी पत्नी संग मिलकर खोला कैफे! ईरानी चाय और व्यंजनों का स्वाद ऐसा की रोज लग रही गजब की भीड़, जानें अधिक
UP News: मुरादाबाद के दिवाकर और उनकी पत्नी ने एक अनोखा कदम उठाया है, जिसे लेकर वे अब सुर्खियों में हैं। दोनों ने मिलकर श्री राम पर्शियन कैफे नामक एक कैफे खोला है, जो ईरानी चाय और अन्य ईरानी व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध हो रहा है। यह कैफे खासतौर पर ईरान और इंडिया के स्वादों को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है, ताकि दोनों देशों की संस्कृति को आपस में जोड़ा जा सके।
कैफे में एक खास आकर्षण ईरानी चाय है, जिसे लेकर कैफे में आने वाले ग्राहकों से बहुत अच्छा फीडबैक मिल रहा है। नॉर्थ इंडिया में ईरानी चाय आसानी से नहीं मिलती, और यही वजह है कि यहां आने वाले लोग इस चाय का स्वाद लेने के लिए बार-बार आ रहे हैं।
श्री राम पर्शियन कैफे में कई ईरानी व्यंजन भी उपलब्ध हैं, जो मुख्य रूप से वेजिटेरियन होते हैं। इनमें आदर्श फॉलो, फलाफेल जैसे व्यंजन शामिल हैं। इन सभी व्यंजनों को ईरान से आयातित सामग्री से तैयार किया जाता है, ताकि स्वाद बिल्कुल ऑथेंटिक हो।
कैफे में ईरान और इंडिया के दोनों देशों के झंडे लगे हुए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यह कैफे दोनों देशों की सांस्कृतिक और खाद्य विविधताओं को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। दिवाकर और उनकी पत्नी ने अपने देश के राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानित तरीके से लगाया है, जो दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच प्रेम और सौहार्द्र की मिसाल है।
दिवाकर ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान के ऑथेंटिक व्यंजनों और चाय को भारत में प्रस्तुत करना है। उनका मानना है कि भारत में ऐसे बहुत कम स्थान हैं जहां ईरानी व्यंजन उपलब्ध हों। यही कारण है कि उन्होंने इस कैफे की शुरुआत की, ताकि दोनों देशों के लोग एक दूसरे की संस्कृति का स्वाद ले सकें।
कैफे में आए एक ग्राहक, वंश चौधरी ने बताया कि वह प्रतिदिन ईरानी चाय पीने के लिए आते हैं। उनका कहना है कि इस चाय के स्वाद जैसा कहीं और नहीं पाया। इसके अलावा, कैफे में अन्य ईरानी व्यंजन भी लजीज हैं, जो यहां की खासियत बन चुके हैं।
