4 बार असफल होने पर भी नहीं मानी हार! कुछ ऐसी है IPS अफसर सारिका चौधरी की कहानी
Success Story IPS Sarika Chaudhary : अगर आपके हौसले में जान हो तो बार-बार मिलने वाली नाकामियां भी आड़े नहीं आ सकतीं। उत्तर प्रदेश कैडर की 2024 बैच की IPS ऑफिसर सारिका चौधरी इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। 20 अगस्त 2026 को योगी सरकार ने 23 IPS ऑफिसर्स को नई पोस्टिंग दी। सारिका चौधरी को असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस से सहारनपुर का नया ASP बनाया गया है। यह खाकी वर्दी पाने के पीछे उनके संघर्ष की कहानी बहुत मोटिवेशनल है।
1 जनवरी 1994 को जन्मी सारिका चौधरी राजस्थान के झुंझुनूं (PILANI) की रहने वाली हैं। उनके पिता मुकेश चौधरी एक तहसीलदार थे और उनकी मां सुमन चौधरी एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल थीं। 12वीं में टॉप करने के बाद सारिका का एडमिशन बिट्स पिलानी में हो गया। लेकिन उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़कर दिल्ली के हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन और मास्टर्स किया। वह वहां भी कॉलेज टॉपर रहीं। फिर उन्होंने JNU से PhD पूरी करते हुए सिविल सर्विस का रुख किया। फिर उन्होंने PhD छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू कर दी।
शुरुआती 4 कोशिशों में सिर्फ प्रीलिम्स में फेल हुईं
2019 से 2022 तक सारिका चौधरी लगातार चार बार UPSC एग्जाम में बैठीं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इन चारों कोशिशों में सारिका UPSC प्रीलिम्स की सीढ़ी भी पार नहीं कर पाईं। UPSC एग्जाम में लगातार फेल होना किसी को भी तोड़ सकता था। लेकिन सारिका चौधरी ने खुद को संभाला। हार मानने के बजाय, उन्होंने हर गलती से सीखा और 2023 में पांचवीं बार फिर से UPSC CSE परीक्षा देने का फैसला किया।
FOMO और माइग्रेन अटैक को हराकर सफलता पाई
अपने पांचवें UPSC अटेम्प्ट से पहले, सारिका FOMO (फियर ऑफ़ मिसिंग आउट) से जूझ रही थीं। दोस्तों का सिलेक्शन न होना और एग्जाम का स्ट्रेस उनका हौसला तोड़ रहा था। लेकिन उन्होंने खुद को शांत किया, अपने सोर्स कम किए और सिर्फ अपनी तैयारी पर फोकस किया। UPSC मेन्स एग्जाम से ठीक 10 दिन पहले, उन्हें माइग्रेन का तेज़ अटैक आया। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार, सारिका चौधरी ने 5वें अटेम्प्ट में ऑल इंडिया 548वीं रैंक हासिल की।
