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हरियाणा अम्बाला कैंट के चुनावों के चलते हुआ विवाद, धार्मिक स्ताहनों पर जाकर मांगे वोट 

हरियाणा के अंबाला कैंट में नगर परिषद चुनाव को लेकर इन दिनों चुनाव प्रचार तेज़ी से चल रहा है। विभिन्न उम्मीदवार घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन कर रहे हैं। हालांकि, इस दौरान एक खास मामला सामने आया है, जहां कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी आशीष पासी ने एक धार्मिक स्थल पर जाकर चुनाव प्रचार किया। यह मामला अब आचार संहिता के उल्लंघन का बनता हुआ दिख रहा है, क्योंकि आदर्श चुनाव आचार संहिता धार्मिक स्थलों पर चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं देती है।
 
हरियाणा अम्बाला कैंट के चुनावों के चलते हुआ विवाद, धार्मिक स्ताहनों पर जाकर मांगे वोट 

Haryana News : हरियाणा के अंबाला कैंट में नगर परिषद चुनाव को लेकर इन दिनों चुनाव प्रचार तेज़ी से चल रहा है। विभिन्न उम्मीदवार घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन कर रहे हैं। हालांकि, इस दौरान एक खास मामला सामने आया है, जहां कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी आशीष पासी ने एक धार्मिक स्थल पर जाकर चुनाव प्रचार किया। यह मामला अब आचार संहिता के उल्लंघन का बनता हुआ दिख रहा है, क्योंकि आदर्श चुनाव आचार संहिता धार्मिक स्थलों पर चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं देती है।

एक वीडियो में, कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी आशीष पासी को मंदिर में चुनाव प्रचार करते हुए देखा गया। वीडियो में वह क्षेत्रीय लोगों से एक बार मौका देने की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और अब इस पर विवाद उठ रहा है।

चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, किसी भी धार्मिक स्थल पर चुनाव प्रचार करना या मतदान केंद्रों के 100 मीटर के भीतर प्रचार करना मना है। इसके अलावा, आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत मतदान के 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार के प्रचार की अनुमति नहीं है। ऐसे में यदि यह वीडियो सही पाया जाता है, तो प्रत्याशी को नोटिस दिया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम कैंट, डॉ. विणेश ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि वीडियो उनके संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन यदि यह वीडियो सही है और आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है, तो उम्मीदवार को नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी प्रकार की गतिविधि जो विभिन्न जातियों, धार्मिक समुदायों और भाषाई समूहों के बीच मतभेद बढ़ाती है, उसे मना किया गया है।