Khelorajasthan

IAS Sweta Agarwal Success Story: घर के ताने और घर की मजबूरियों ने बदल दी किस्मत, कुछ ऐसी है इस IAS की संघर्ष भरी कहानी

 
IAS Sweta Agarwal Success Story:

IAS Sweta Agarwal Success Story: मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।” ये लाइनें श्वेता अग्रवाल पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। पश्चिम बंगाल के एक छोटे से शहर से आने वाली श्वेता के लिए UPSC जैसा मुश्किल एग्जाम पास करना आसान नहीं था।

वह ऐसे माहौल और समाज में पली-बढ़ीं, जहाँ लड़कियों की पढ़ाई से ज़्यादा घर के काम और शादी को अहमियत दी जाती थी। श्वेता को हर कदम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

जब समाज ने उनके सपनों का मज़ाक उड़ाया और उन्हें पढ़ाई के बजाय चौका-बर्तन तक ही सीमित रहने की सलाह दी, तो उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया और IAS बनीं। उनकी सफलता की कहानी उन सभी लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है जो पाबंदियों को तोड़कर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।

IAS श्वेता अग्रवाल मारवाड़ी परिवार से हैं

श्वेता अग्रवाल का जन्म पश्चिम बंगाल के भद्रेश्वर में एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। वह जोश टॉक के वीडियो में अपनी यात्रा शेयर करती हैं, कहती हैं कि यहां का माहौल कंजर्वेटिव था

उनके घर में लड़कियों की पढ़ाई को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी और रिश्तेदारों का शादी का दबाव बना रहता था। मुश्किल हालात के बावजूद, श्वेता के माता-पिता ने उनका साथ दिया और उन्हें इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाया।

परिवार ने खूब ताने दिए

शुरुआती पढ़ाई के बाद श्वेता ने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में एडमिशन लिया। उनके परिवार में यह पहली बार था कि कोई ग्रेजुएट हो रहा था। उस दौरान भी उन्हें परिवार के कुछ सदस्यों और रिश्तेदारों से ताने सुनने को मिले।

उनसे कहा गया, ‘तुम अपनी पढ़ाई का क्या करोगे, तुम्हें आखिर में चौकोर बर्तन ही तो करना है।’ इस बेइज्जती ने उन्हें तोड़ा नहीं बल्कि उनमें ऑफिसर बनने का पक्का इरादा भर दिया। 
पहले एक कंपनी मे नौकरी की 

कॉलेज के बाद श्वेता ने एक कंपनी में नौकरी शुरू कर दी थी, लेकिन वह हमेशा से सिविल सर्विस में जाना चाहती थी। उसने अपनी अच्छी नौकरी छोड़ दी और UPSC की तैयारी शुरू कर दी। शुरुआती दौर में उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ा और मानसिक तनाव भी झेलना पड़ा।

समाज के लोग उस पर लगातार शादी का दबाव बना रहे थे, लेकिन श्वेता ने अपने सपनों को प्राथमिकता दी। उसने कड़ी मेहनत और अनुशासन जारी रखा और खुद को बेहतर बनाया।

UPSC मे 19 वी रेंक हासिल 

श्वेता की UPSC जर्नी इंस्पायरिंग है। साल 2014 में उन्होंने 497वीं रैंक के साथ IRS की पोजीशन हासिल की थी। फिर 2015 में 141वीं रैंक के साथ IPS बनीं लेकिन IAS बनने का उनका सपना अभी भी अधूरा था।

इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की और 2016 की अपनी कोशिश में उन्होंने न सिर्फ ऑल इंडिया रैंक 19 हासिल करके IAS बनने का अपना सपना पूरा किया, बल्कि उस साल वेस्ट बंगाल की स्टेट टॉपर भी बनीं और पूरे एक दशक बाद बंगाल से कोई टॉप-20 में पहुंचा।