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जींद से रोहतक का किराया बढ़ा यात्रियों को हुआ नुकसान, जानिए वजह 

हाल ही में जींद से रोहतक जाने वाली रोडवेज बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। अब यात्रियों को पहले के मुकाबले ₹5 अधिक, यानी ₹70 का किराया देना होगा। इस वृद्धि के पीछे का कारण रोहतक में सुखपुरा चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य है, जिसके कारण बसों को एक अतिरिक्त 4 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है।
 
जींद से रोहतक का किराया बढ़ा यात्रियों को हुआ नुकसान, जानिए वजह 

Haryana News : हाल ही में जींद से रोहतक जाने वाली रोडवेज बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। अब यात्रियों को पहले के मुकाबले ₹5 अधिक, यानी ₹70 का किराया देना होगा। इस वृद्धि के पीछे का कारण रोहतक में सुखपुरा चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य है, जिसके कारण बसों को एक अतिरिक्त 4 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है।

रोहतक में सुखपुरा चौक पर फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के चलते सड़कें बाधित हो गई हैं। सड़क पर गड्ढे और मिट्टी के ढेर होने की वजह से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। इस वजह से जींद से रोहतक जाने वाली बसें अब बाईपास के रास्ते से होकर जाती हैं, जिससे यात्रा में चार किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी जुड़ जाती है। इसके चलते यात्रियों को पहले की तुलना में अतिरिक्त समय और यात्रा लागत का सामना करना पड़ रहा है।

किराया वृद्धि का असर

अब यात्रियों को पहले के ₹65 की बजाय ₹70 का किराया देना होगा। इसके अलावा, अतिरिक्त रास्ते की वजह से यात्रियों को 15-20 मिनट का अतिरिक्त समय भी लग रहा है। यात्रियों का कहना है कि पहले से ही यात्रा में समय लगता था, और अब बढ़े हुए किराए के कारण उन्हें और भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जींद से रोहतक यात्रा की विशेषताएँ

जींद से रोहतक के बीच प्रतिदिन 20 से ज्यादा बसें चलती हैं और 5000 से अधिक यात्री इस रूट पर सफर करते हैं। ज्यादातर यात्री सरकारी और निजी दफ्तरों में काम करने वाले होते हैं, जो सुबह जल्दी जींद से रोहतक के लिए निकलते हैं और शाम को वापस लौटते हैं। जींद से रोहतक के लिए पहली बस सुबह 4:40 बजे चलती है, उसके बाद हर 20-30 मिनट में बसें चलती हैं।

यात्री की प्रतिक्रिया

यात्रियों का कहना है कि यह अतिरिक्त ₹5 का किराया और अतिरिक्त समय उनके लिए असुविधाजनक है। राजेश, संदीप, राधेश्याम और कुलबीर जैसे यात्रियों ने इस बारे में अपनी निराशा जाहिर की है। उनका कहना है कि यह फैसला उन्हें आर्थिक रूप से प्रभावित कर रहा है और यात्रा में समय की भी बढ़ोतरी हो रही है। किराए में यह वृद्धि अस्थायी हो सकती है, क्योंकि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य खत्म होने के बाद पुराने रास्ते को फिर से खोल दिया जाएगा। यदि निर्माण कार्य जल्दी पूरा होता है, तो यह किराया फिर से कम हो सकता है।