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New Expressway: बनकर तैयार हो गया यह बड़ा एक्सप्रेसवे, 20 जून को सीएम करेंगे उद्धघाटन

उत्तर प्रदेश  में 91 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 जून 2025 को इसका उद्घाटन करेंगे। यूपी सरकार के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे महज तेज़ यात्रा का ज़रिया नहीं, बल्कि यात्री सुरक्षा और इमरजेंसी सेवाओं के बेहतरीन इंतज़ामों के लिए भी जाना जाएगा। यूपी सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यात्री सुरक्षा के लिए 20 जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के दिन मुख्यमंत्री सुरक्षा बेड़े को हरी झंडी दिखाएंगे।
 
New Expressway: बनकर तैयार हो गया यह बड़ा एक्सप्रेसवे, 20 जून को सीएम करेंगे उद्धघाटन

New Exspressway : उत्तर प्रदेश  में 91 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 जून 2025 को इसका उद्घाटन करेंगे। यूपी सरकार के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे महज तेज़ यात्रा का ज़रिया नहीं, बल्कि यात्री सुरक्षा और इमरजेंसी सेवाओं के बेहतरीन इंतज़ामों के लिए भी जाना जाएगा। यूपी सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यात्री सुरक्षा के लिए 20 जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के दिन मुख्यमंत्री सुरक्षा बेड़े को हरी झंडी दिखाएंगे। 

आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा के लिए लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर यहां भी एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) द्वारा निर्मित गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर यात्री सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री जिस सुरक्षा बेड़े का शुभारंभ करेंगे, उसमें पांच इनोवा, पांच कैंपर, चार एंबुलेंस, दो क्रेन और एक हाइड्रा वाहन शामिल हैं। मार्ग के दोनों ओर हर 45 किलोमीटर पर एक एंबुलेंस तैनात रहेगी। यूपीईडा के नोडल सुरक्षा अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि यूपीईआईडीए की इनोवा गाड़ी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में गश्त करती रहेगी। प्रत्येक वाहन में चार सेवानिवृत्त सैनिक ड्यूटी पर रहेंगे। 

कैंपर वाहन पीछे से खुले होते हैं और इनमें ट्रैफिक कोन, रस्सी, रेडियम पट्टी आदि की उपलब्धता होती है। किसी भी स्थान पर वाहन खराब होने या दुर्घटना होने पर ये वाहन तुरंत जाकर उसे ट्रैफिक कोन, रस्सी और रेडियम पट्टी से ढक देंगे, ताकि अन्य वाहनों को कोई परेशानी न हो। इसके अलावा 91 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर हर 45 किलोमीटर (किमी) पर सड़क के दोनों तरफ एक-एक एंबुलेंस तैनात रहेगी, ताकि आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत पड़ने पर यात्रियों को तुरंत अस्पताल भेजा जा सके। किसी वाहन के अचानक खराब होने पर उसे सड़क से हटाने के लिए हर 45 किलोमीटर पर एक क्रेन और पूरे एक्सप्रेसवे पर एक हाइड्रा वाहन तैनात रहेगा। 

यात्री और मध्यम मालवाहक वाहनों को क्रेन से सड़क से हटाया जाएगा और बड़े मालवाहक वाहनों को नजदीकी मोड़ से सड़क से हटाया जाएगा, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की गाइडलाइन के अनुसार एक्सप्रेसवे पर खराब वाहनों को पार्क नहीं किया जा सकता। आने वाले समय में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर एटीएमएस लागू करने की तैयारी है। इस सिस्टम के तहत एक्सप्रेसवे पर हर पांच किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाती है। इसके अलावा एटीएमएस में स्पीड कैमरे और एनपीआर (नंबर प्लेट रीडर) की व्यवस्था भी है, ताकि स्पीड लिमिट का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नजर रखी जा सके। एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट का उल्लंघन करने वाले वाहनों की सूचना तुरंत संबंधित जिले के एआरटीओ को भेज दी जाती है।