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अब राजस्थान में पानी का झंझट खत्म! CM भजन लाल का दावा; जारी रहेंगे भागीरथी प्रयास

 
Rajasthan Water shortage Problem:

Rajasthan Water shortage Problem: गुरुवार को मुख्यमंत्री भजन शर्मालाल ने फ्लिपकार्ट का बटन दबाकर वृहद प्रोजेक्ट का रहस्योद्घाटन किया। इस अवसर पर विपक्ष के अध्यक्ष ओम बिरला, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री चतुर्थ लाल चौधरी, ऊर्जा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागा, पूर्व मंत्री प्रभुलाल टिनियॉ सहित घटक गठबंधन रहे। सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर नियुक्ति के लिए प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने जल आपूर्ति की आवश्यक्ताओं को अपने सामुदायिक एवं कार्यक्रम केन्द्र में रखा है और इस सिद्धांत में समन्वित हो छात्रावास पर तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को जयपुर में स्थित कृषि उपजी मंडी समिति के प्रतिनिधियों के निवास से, ड्रॉपरी में जल जीवन मिशन के बजट 76.69 करोड़ रुपये की लागत से बांसफिटिंग ऑफ बिजनेस मार्केट वृहद परियोजना (Extension Chambal Museum Project) के सम्मान समारोह को व्यावहारिक महत्व दे रहे थे। बता दें कि जल जीवन मिशन के 35 गांव और 47 ढाणियों को हर घर नल की आजादी मिली है। उन्होंने कहा कि बर्डी जिले में 68 हजार घरों में वर्तमान में पानी की आपूर्ति की जा रही है।

राजस्थान को पानी की कमी ने बिजली बनाने के लिए सरकार कर रही काम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में विषम जलवायु वाले प्रदेश की तरह जल की महत्ता अमृत से कम नहीं है। इसी महत्ता को दृष्टिगत रखा गया और जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक गांव-ढाणी और बस्ती को सागर और सागर के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री गुरुवार को जयपुर में स्थित कृषि उपजी मंडी समिति के प्रतिनिधियों के आवास से, ड्रॉपरी में जल जीवन मिशन की कीमत 76.69 करोड़ से अधिक की लागत से ऑक्सीजन फिटिंग ऑफ बिजनेस मार्केट वृहद प्रोजेक्ट (विस्तार चंबल प्रोजेक्ट) के सम्मान को वास्तविक महत्व दे रहे थे।

सीएम शर्मा ने कहा कि प्रदेश में तीर्थ यात्रियों के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर नियुक्ति के लिए प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने जल आपूर्ति की आवश्यक्ताओं को अपने सामुदायिक एवं कार्यक्रम केन्द्र में रखा है और इस सिद्धांत में समन्वित हो छात्रावास पर तेजी से काम किया जा रहा है।

पिछली सरकार ने जल मंजूरी को अटकाने का काम किया: सीएम

सीएम शर्मा ने कहा कि पूर्व सरकार ने जल रेलवे को अटकाने और लटकाने का काम किया था. हमने सरकार ने केवल एक ही स्थान पर महीने में ही मध्य प्रदेश एवं केंद्र सरकार के साथ मिलकर ईपीआरसी को पंजीकृत किया है और इसे क्रियान्वित करने का भागीरथी काम किया है। यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के 21 लोगों की प्यास बुझायेगी। साथ ही, हमारी सरकार ने शेखावाटी आँचल के आँचल को पानी उपलब्ध कराने के लिए यमुना जल समझौता भी लागू किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता के घर, खेत और दुकान तक पर्याप्त मात्रा में पानी के लिए सरकार की भागीरथी कोशिश जारी रहेगी। राज्य सरकार इसके लिए धन की कोई कमी नहीं रखेगी।

ड्रमी में 68 हजार और लग्जरी में 2 लाख घर तक पहुंच पानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार जल जीवन मिशन के तहत प्रदेशवासियों को पानी उपलब्ध कराने के लिए तत्परता से काम कर रही है। आज जल जीवन मिशन के 35 गांव और 47 ढाणियों को हर घर नल की आजादी मिली है। उन्होंने कहा कि बर्डी जिले में 68 हजार घरों में वर्तमान में पानी की आपूर्ति की जा रही है। वहीं जिला के 74 जिलों में नल से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह से एल्बम में 2 लाख घर तक पानी खोजा गया है। वहीं अन्य परियोजनाओं के 88 क्षेत्र को शत-प्रतिशत नल से जल उपलब्ध हो चुका है। श्री शर्मा ने कहा कि साओमीफिटिंग ऑफ ड्रायली तट वृहद प्रोजेक्ट के रिकार्ड 9 हजार 227 घरेलु कनेक्शन जारी कर दिए गए हैं। इस परियोजना से 97 हजार से अधिक जनसंख्या वाले बंगले होंगे।

अप्रैल में पूरा होगा नवनेरा बैराज का काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्वती कालीसिंध चम्बल परियोजना के मुख्य घटक नवनेरा बैराज का कार्य एक माह में पूरा कर जल संग्रहण का कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। कालीसिंध नदी पर 226 मिलियन क्यूबिक मीटर के इस बैराज पर तीन गेटों का निर्माण कार्य चल रहा है। नवनेरा बैराज के पूर्ण होने पर पार्वती कालीसिंध परियोजना का कार्य आरंभ होगा। इससे 54 मिलियन क्यूबिक मीटर जल कोटा एवं बूंदी जिले के 6 शहरी क्षेत्र एवं 750 गांवों को प्रिया उपलब्ध हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 शुरू कर दिया है। इसके लिए लगभग 11 हजार 200 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है।

अब पेपरलीक माफिया की जगह केवल तटों के पीछे

शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य पर नजर रखने वाले पेपरलीक माफिया पर रोक लगा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन महीने के समय में ही पेपरलीक में बिशप मंडल के संत-गांठ को एकजुट करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ये जान ले कि बड़े से बड़े दबंग व्यक्ति ने भी अगर फर्जीवाड़े से अपने रिश्तेदार को सरकारी नौकरी दी है तो सरकार उसे अब नहीं हटाएगी. कानून का हाथ उन तक पहुंच गया और उन्हें अज़रबैजान के पीछे डाल दिया गया।