हरियाणा के इस जिले को मिली नए एक्सप्रेसवे की सौगात, आधे से ज्यादा काम पूरा
New Exspressway : हरियाणा के अहम सड़कों में से एक, गुरुग्राम- पटौदी- रेवाड़ी हाइवे (NH-352W) पर निर्माण कार्य में अब और समय लगेगा। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस हाइवे के निर्माण की समय सीमा को फिर से बढ़ा दिया है। पहले इस परियोजना को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 70 फीसदी कार्य ही पूरा हो पाया है। ऐसे में NHAI ने समय सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 तक कर दी है।
गुरुग्राम- पटौदी- रेवाड़ी हाइवे पर निर्माण कार्य में कई समस्याएं आ रही हैं, जिनकी वजह से समय सीमा को बढ़ाना पड़ा है। इसमें प्रमुख रुकावटें बरसाती नाले और हाईटेंशन बिजली लाइनों के कारण हो रही हैं। सेक्टर-88B से वजीरपुर तक के मार्ग में इन समस्याओं का समाधान किया जाना बाकी है। फिलहाल, बिजली लाइनों को दूसरी जगह ट्रांसफर करने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, जिससे निर्माण में देरी हो रही है।
यह हाइवे हरियाणा के एक प्रमुख मार्ग को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इस हाइवे के बनने से गुरुग्राम और रेवाड़ी के बीच यात्रा की दूरी और समय दोनों में काफी कमी आएगी। एक बार यह हाइवे तैयार हो जाने पर, गुरुग्राम से रेवाड़ी की यात्रा केवल 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इसके अलावा, दिल्ली-जयपुर हाइवे पर ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
दिल्ली से रेवाड़ी के लिए वैकल्पिक मार्ग
इस हाइवे के बनने से दिल्ली और रेवाड़ी के बीच आवाजाही के लिए एक नया, वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। गुरुग्राम- पटौदी- रेवाड़ी हाइवे को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने का भी प्रावधान किया गया है। सेक्टर-88B में फ्लाईओवर के माध्यम से यह कनेक्टिविटी दी जाएगी। हालांकि, इस फ्लाईओवर का काम केवल 20 फीसदी ही पूरा हो पाया है, लेकिन इसके पूरा होने के बाद दिल्ली से रेवाड़ी जाने का मार्ग और भी सुगम हो जाएगा।
समय सीमा बढ़ाने का असर
इस समय सीमा विस्तार का असर यात्री और व्यापारिक यातायात पर पड़ेगा। हालांकि, इस हाइवे के पूरा होने पर क्षेत्रीय विकास में बढ़ोतरी होगी और ट्रैफिक की समस्या में भी सुधार होगा। हाइवे के चालू होने पर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
