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हरियाणा के इस जिले को मिली 4 बाईपास और नए रिंग रोड की सौगात, इन राज्यों का सफर होगा आसान

 

Haryana News: हरियाणा से बड़ी खबर आ रही है। हरियाणा की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसी बीच भिवानी शहर के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। जिले में चार बाईपास और एक रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इन नये बाईपास निर्माणों के साथ-साथ भिवानी शहर के चारों ओर लगभग 45 किलोमीटर लम्बी रिंग रोड का निर्माण भी किया जाएगा। भारी वाहन शहर के बाहर से निकलेंगे और हिमाचल से राजस्थान, दिल्ली, मेरठ, पंजाब, महाराष्ट्र और मुंबई तक का सफर आसान हो जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भिवानी में ड्रीम प्रोजेक्ट का 45 किलोमीटर लंबा रिंग रोड का सपना जल्द साकार होगा। 800 करोड़ रुपये की लागत से भिवानी से हांसी तक 43 किलोमीटर फॉरवर्ड लेन और भिवानी बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है और इसके दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद 250 करोड़ रुपये के बजट से हांसी रोड के तिगड़ाना मोड़ से लोहारू रोड को जोड़ने के लिए नया बाईपास बनाया जाएगा।

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रिंग रोड से भिवानी शहर का दायरा भी बढ़ेगा और तेजी से विकास होगा। वहीं, दिल्ली-पिलानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार नए बाईपास के अलाइनमेंट पर भी केंद्रीय मंत्रालय में मंथन चल रहा है। रैली का नेतृत्व भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह कर रहे हैं।

निनान से दादरी व लोहारू रोड तक रोहतक रोड को बाईपास करने के बाद इसे जींद, महम व हांसी रोड से जोड़ने का काम चल रहा है। करीब 10 किलोमीटर लंबा बाईपास खंड तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना में 43 किलोमीटर लंबा भिवानी-हांसी फोरलेन भी शामिल है। इसकी लागत लगभग 800 करोड़ रुपये है। सड़क परियोजना का काम दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

इसके बाद भिवानी शहर के चारों ओर रिंग रोड का दायरा बनाने के लिए तिगड़ाना मोड़ से लोहारू रोड तक करीब दस किलोमीटर का हिस्सा ही शेष रह गया है। इस खंड में नये बाईपास के निर्माण के लिए 25 मिलियन रुपये की परियोजना भी तैयार की गई है। संरेखण केंद्रीय मंत्रालय को भी भेज दिया गया है। केंद्रीय मंत्रिस्तरीय बैठक का इंतजार है।

इन मार्गों पर अंतिम मुहर लगने के बाद भूमि अधिग्रहण और बाईपास निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रिंग रोड शहर के सभी प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को जोड़ेगा। अन्य प्रांतों व शहरों से आने वालों को भिवानी में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे कम समय में उसी रिंग रोड से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

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दिल्ली-पिलानी राष्ट्रीय राजमार्ग 709ई के अंतर्गत आने वाले चार बाईपासों के अलाइनमेंट को भी जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसकी निगरानी महेंद्रगढ़-भिवानी के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह स्वयं कर रहे हैं। इन चार बाईपासों में लोहानी, ढिगावामंडी, जुई और सिंघानी (लोहारू) शामिल हैं। इन चारों बाईपासों का अलाइनमेंट केंद्रीय मंत्रालय को भेज दिया गया है। इन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी जाएगी। इस पर चर्चा के लिए जल्द ही एक बैठक आयोजित की जा सकती है। बैठक में भिवानी के शेष बचे बाईपास के प्रारूप को भी मंजूरी दी जाएगी।

जिस अवैध कॉलोनी को काटा जा रहा है, वह शहर का रिंग रोड ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रिंग रोड भिवानी के चारों ओर लगभग 45 किलोमीटर का घेरा बनाएगा। मुख्य शहर प्रत्येक तरफ लगभग पांच से छह किलोमीटर की परिधि में सीमित है। इसके बाद यह तेजी से बढ़ सकेगा। इसको लेकर भू-माफिया भी सक्रिय हो गए हैं। शहर के आसपास के गांवों की कृषि भूमि पर भी अवैध कॉलोनियां तेजी से काटी जा रही हैं।

हालांकि जिला नगर योजनाकार का पीला पंजा भी लगातार चल रहा है, बावजूद इसके अवैध कॉलोनाइजर यहां धड़ल्ले से प्लाट काटकर बेच रहे हैं। देवसर, बापोड़ा, कालूवास, नाथूवास और हालुवास जैसे गांवों में अवैध कॉलोनियां अस्तित्व में आ गई हैं।

भिवानी-हांसी फारवर्ड रोड व लगभग 10 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, तिगड़ाना मोड़ से लोहारू रोड को जोड़ने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबे नए बाईपास का निर्माण कार्य केंद्रीय मंत्रालय में चल रहा है। जिसके इस वर्ष जून तक स्वीकृत होने की उम्मीद है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण व बाइपास निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।