Success Story: बचपन से IAS बनने का सपना! माँ ने बेटी की मदद के लिए छोड़ दी नौकरी, पहले प्रयास में रही नाकाम, दूसरे में आई ऑल इंडिया रैंक 2, पढ़ें IAS जागृति अवस्थी की स्टोरी
Success Story: "सफलता एक दिन में नहीं मिलती, मगर ठान ले तो एक दिन जरूर मिलती है।" इस प्रसिद्ध कथन को अपनी जिंदगी में साकार करने वाली एक व्यक्ति हैं—जागृति अवस्थी। उनकी कहानी न केवल यूपीएससी परीक्षा की कठिनाई को पार करने की प्रेरणा देती है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाती है कि सफलता का असली स्वाद तब आता है जब हम असफलताओं को पार कर उसे हासिल करते हैं।
जागृति अवस्थी की शुरुआत
जागृति अवस्थी का जन्म और पालन-पोषण भोपाल में हुआ था। उनके पिता, डॉ. सुरेश चंद्र अवस्थी, भोपाल मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं, और उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें अच्छे से अच्छे शिक्षा के लिए प्रेरित किया। जागृति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भोपाल के महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय से की थी, जहाँ से उन्होंने 2010 में हाईस्कूल और 2012 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के बाद जागृति ने GATE परीक्षा पास की और भेल (BHEL) में टेक्निकल ऑफिसर के तौर पर काम करना शुरू किया।
यूपीएससी की तैयारी का संकल्प
2019 में, जागृति ने अपनी पुरानी नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया। उनका सपना था कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में भर्ती होकर देश की सेवा करें। हालांकि, उनका यह निर्णय आसान नहीं था। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में एडमिशन लिया। कोरोना महामारी के दौरान उन्हें भोपाल लौटना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। घर वापस लौटने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और ऑनलाइन क्लासेज से अपनी तैयारी जारी रखी।
कठिनाइयों और बलिदानों का सामना
जागृति के इस सफर में कई कठिनाइयाँ आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी माँ ने उनकी मदद के लिए अपनी टीचर की नौकरी छोड़ दी और परिवार ने कई त्याग किए। उनके घर में पिछले चार सालों से टीवी भी नहीं चलाया गया, ताकि पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। इन सारे बलिदानों ने जागृति को आगे बढ़ने के लिए और प्रेरित किया।
पहला प्रयास: कठिन शुरुआत
जागृति ने अपने पहले प्रयास में यूपीएससी के प्रीलिम्स तक को पास नहीं किया था, लेकिन उन्होंने अपनी असफलता को अपने आत्मविश्वास को तोड़ने के बजाय और मजबूत बनाने के रूप में लिया। उनका दृढ़ निश्चय था कि वह हार नहीं मानेंगी और दूसरे प्रयास में अपने सपने को पूरा करेंगी।
सफलता की ओर दूसरा प्रयास
दूसरे प्रयास में जागृति ने अपनी तैयारी को और अधिक सख्ती से किया और बिना किसी भटकाव के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। और परिणामस्वरूप, यूपीएससी 2020 की परीक्षा में उन्हें ऑल इंडिया रैंक 2 प्राप्त हुई। यह उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रतिफल था।
जागृति का संदेश
जागृति अवस्थी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई सुयश और पूर्व सैनिक मामा जितेंद्र नाथ को देती हैं। उनका मानना है कि कठिनाइयों के बावजूद अगर सही दिशा और संघर्ष हो, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
