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राजस्थान के 9 शहरों की हुई बल्ले-बल्ले, यहां बनाए जाएंगे 12 नए बाईपास यातायात को मिलेगी बहेतर कनेक्टिविटी 

 
 

Haryana News: राजस्थान में सड़क नेटवर्क में लगातार सुधार हो रहा है और अब राज्य सरकार ने नौ शहरों में 12 नए बाईपास बनाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। सरकार का लक्ष्य इन बाईपासों के माध्यम से प्रमुख शहरों में यातायात को सुगम बनाना तथा भारी वाहनों का दबाव कम करना है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने लगभग 5.95 करोड़ रुपये की लागत से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने को मंजूरी दे दी है।

बाईपास से यातायात में सुधार होगा

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि इन बाईपासों से शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या दूर होगी और स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन में सुविधा होगी। सरकार की इस पहल से राज्य के कई महत्वपूर्ण शहरों को राहत मिलेगी। ये बाईपास न केवल वाहनों को नए मार्ग देने का साधन बनेंगे, बल्कि इनसे औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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राजस्थान में बनेंगे ये प्रमुख बाईपास

राजस्थान के जिन नौ शहरों में बाईपास बनाए जाने हैं उनमें भरतपुर, सीकर, हनुमानगढ़, धौलपुर, सवाई माधोपुर, चूरू, झुंझुनूं, करौली और सुजानगढ़ शामिल हैं। इन शहरों में प्रस्तावित बाईपास निम्नलिखित स्थानों से होकर गुजरेंगे:

भरतपुर: लुधावई टोल से तुहिया, मुरवाड़ा, भांडोर तक बाईपास का निर्माण होगा।

सीकर: एनएच-52 रामू का बास से एनएच-08 कुंडली तक यह बाईपास शहर के बाहरी इलाके से होकर गुजरेगा।

हनुमानगढ़: हनुमानगढ़-सूरतगढ़ रोड से हनुमानगढ़-संगरिया रोड तक नया बाइपास बनाया जाएगा.

धौलपुर: एनएच-123 से एनएच-11बी तक और एनएच-44 से एनएच-2ए तक दो बाईपास विकसित किए जाएंगे।

सवाई माधोपुर: सूरवाल से कुस्तला तक बाईपास प्रस्तावित है, जिससे रणथम्भौर जाने वाले पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा।

चूरू: तारानगर, बालेरी, रतनगढ़, देपालसर होते हुए एनएच-52 तक नई रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा।

झुंझुनूं: मंडावा-झुंझुनूं रोड से सीकर-झुंझुनूं रोड, एनएच-11 से एनएच-08 बाइपास का निर्माण कराया जायेगा.

करौली: मंडरायल-करौली-हिण्डौन मार्ग पर बाइपास का निर्माण कराया जायेगा.

सुजानगढ़: एनएच-58 से मेगा हाईवे तक बाईपास प्रस्तावित किया गया है।

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बाईपास निर्माण से क्या लाभ होगा?

राज्य में इन बाईपासों के निर्माण से शहरों में बढ़ते यातायात को नियंत्रित करने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, भारी वाहनों के शहरों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा, जिससे सड़कों की स्थिति बेहतर बनी रहेगी। नए बाईपास से परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवसायों को भी लाभ होगा।

ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे भी विकसित किया जाएगा

राजस्थान सरकार 2,756 किलोमीटर की कुल लंबाई वाले नौ नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की भी योजना बना रही है। ये एक्सप्रेसवे राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेंगे और उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे। इन एक्सप्रेसवे की डीपीआर पर भी जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।

बजट में बाईपास का जिक्र

राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 12 बाईपास के निर्माण की घोषणा की थी। अब लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर तैयार करने के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि परियोजना शीघ्र ही धरातल पर उतरेगी।

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