राजस्थान में भजनलाल हटाओ मुद्दा गंभीर, किसका था हाथ
Rajatshan Breaking News : राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से एक मुद्दा चल हुआ हैं। राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बीच लगातार सियासी विवाद बद रहा हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर भी ‘भजनलाल को हटाओ, राजस्थान बचाओ‘ जमकर ट्रेंड हो गया। जिसके चलते पूरे राजस्थान व पड़ोसी राज्य में राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा की छवि पर सवाल उठाए जा रहें थे।
इस ट्रेंड के बाद अब बीजेपी भी कांग्रेस पर हमलावर हो गई हैं। बीजेपी का आरोप है कि कि यह हैशटैग कांग्रेस के इशारे पर हो रहा है, क्योंकि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। इधर, बीजेपी ने इसके जवाब में भी ‘भजनलाल है तो भरोसा है‘ हैशटैग चलाया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह हैशटैग नहीं आमजन की आवाज है।दरअसल, बीती रात 9 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्रेंडिंग टॉपिक ने सियासत में खलबली मचा दी। इस दौरान ‘भजनलाल हटाओ, राजस्थान बचाओ‘ जो काफी ट्रेंड होने लगा। इस पोस्ट पर सुबह साढ़े बजे तक 375 K पोस्ट हो चुकी है। इसके साथ एक और हैशटैग भी वायरल हुआ। इसमें भी ‘भजनलाल इस्तीफा दो‘ एक्स पर दिखाई दिया।
इधर, सोशल मीडिया पर सीएम भजनलाल के खिलाफ ट्रेंड होते ही कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाना शुरू कर दिया है। वहीं, इस पर बीजेपी भी अलर्ट होकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर सीएम भजनलाल के खिलाफ हैशटैग ट्रेंड के बाद अब कांग्रेस इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा को घेर रही है। इसको लेकर ‘नवभारत टाइम्स‘ ने कांग्रेस के प्रदेश महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी से बात की। इसमें उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया ट्रेंड आम जनता की आवाज हैं। आम जनता इस सरकार से त्रस्त हो चुकी हैं।
आज प्रदेश में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को तरसना पड़ रहा हैं। इसी कारण अब जनता मुहिम चलाकर अपनी आवाज उठा रही हैं। इधर, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस कही भी नहीं है, कांग्रेस का कोई धरातल नहीं है। पिछले उपचुनाव में 7 में से 5 सीटें जीताकर जनता ने बीजेपी और भजनलाल सरकार पर अपना भरोसा दिखाकर जवाब दे दिया है। हाल ही में हुए पंचायत राज चुनाव में भी 35 में से बीजेपी को 27 जगह पर चुनाव जीत कर जनता ने जवाब दिया है। जनता बीजेपी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ हैं। कांग्रेस के पास कोई मुद्दे नहीं है, इसलिए केवल इस तरह के लोगों को भ्रमित करने के लिए पेड़ सोशल मीडिया ट्रेंड चलवा रही है, जिनका कोई अस्तित्व नहीं है।
