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खनन माफिया पर सरकार का बड़ा कदम! जीपीएस और आरएफआईडी से अवैध खनिज परिवहन पर लगेगी रोक

राजस्थान सरकार ने खनन माफिया पर शिकंजा कसने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब खनिजों का परिवहन जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने में मदद मिलेगी और साथ ही खनिजों की ट्रैकिंग और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
 
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Rajasthan: राजस्थान सरकार ने खनन माफिया पर शिकंजा कसने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब खनिजों का परिवहन जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने में मदद मिलेगी और साथ ही खनिजों की ट्रैकिंग और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

खनिज परिवहन के ट्रैकिंग
जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की लोकेशन का पता चलता रहेगा। इससे विभाग को यह जानकारी मिलेगी कि खनिज किसी लीज एरिया से भरा गया है या नहीं। बिना इस जानकारी के ई-रवन्ना जारी नहीं किया जाएगा।

वाहन का ट्रैकिंग
आरएफआईडी सिस्टम के माध्यम से वाहन के गाड़ी नंबर और मार्ग की जानकारी ट्रैक की जा सकेगी। इसके द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि खनिज निर्धारित मार्ग से ही ले जाया जा रहा है।

रजिस्टर्ड वाहनों का प्रयोग
केवल रजिस्टर्ड वाहनों को खनिज परिवहन करने की अनुमति होगी। अन्य वाहनों को खनिज देने वाले स्टोन क्रेशर, स्क्रीनिंग प्लांट, और अनुज्ञाधारक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य
इस नई प्रणाली से सरकार का मुख्य उद्देश्य अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाना और खनिजों के वैध और सुरक्षित परिवहन की निगरानी करना है। विभाग अब पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी करेगा, जिससे किसी भी अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

धर्मकांटा और खनिज ट्रैकिंग
राज्य के धर्मकांटा को अब खनिज विभाग के ई-रवन्ना पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि खनिजों का विवरण और वैधता सही तरीके से दर्ज हो, और कोई भी वाहन बिना वैध ई-रवन्ना के नहीं चल सकेगा।